विदेशी फंडिंग में हेराफेरी के आरोप में घिरे राजीव गांधी फाउंडेशन का विदेशी योगदान अधिनियम लाइसेंस को रविवार को रद्द कर दिया. केंद्र सरकार ने लाइसेंस को रद्द करने का आदेश दिया है.आरजीएफ एक गैर-सरकारी संस्था है जो गांधी परिवार से जुड़ी हुई है।फॉरेन फंडिंग लॉ के उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर NGO पर यह कार्रवाई हुई है।

कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी आरजीएफ की अध्यक्ष हैं, इसके अन्य न्यासियों में पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम, कांग्रेस के नेता एवं सांसद राहुल गांधी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा शामिल हैं.कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी RGF की अध्यक्ष हैं। ट्रस्टी के तौर पर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम, सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा भी इसमें शामिल हैं।

RGF की वेबसाइट के मुताबिक, राजीव गांधी फाउंडेशन का गठन साल 1991 में हुआ। RGF ने 1991 से 2009 तक स्वास्थ्य, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, महिलाओं और बच्चों, विकलांगता सहायता समेत कई अहम मुद्दों पर काम किया। केंद्र सरकार ने यह फैसला एक जांच रिपोर्ट के आधार पर लिया है. राजीव गांधी फाउडेंशन पर विदेशी फंडिंग में भारी अनियमितता के आरोप लगते रहे हैं. इसकी जांच कराने का फैसला केंद्र सरकार ने साल 2020 में लिया था.

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