तालिबान अब भारतीय संस्कृति को जानने और समझने की कोशिश कर रहा है और इसीलिए, तालिबान के एक प्रतिनिधिमंडल को भारत में भारतीय संस्कृति के बारे में बताया जाएगा।

 भारतीय विदेश मंत्रालय ने तालिबान को “भारतीय विचारों के साथ तल्लीनता” के बारे में चार दिवसीय पाठ्यक्रम की पेशकश की है, जिसमें जिसमें कई विदेशी प्रतिनिधियों की भागीदारी देखी जाएगी। कार्यक्रम वर्चुअल होगा और ऑनलाइन ट्रेनिंग दी जाएगी।

साल 2021 में अफगानिस्तान में सत्ता में वापसी करने वाले तालिबान के साथ भारत सरकार ने कई स्तर पर बातचीत शुरू कर दी है और इसी कड़ी में भारत ने काबुल में अपना दूतावास फिर से खोल लिया है। ऐसे में एक्सपर्ट्स का मानना है, कि बिना तालिबान शासन को मान्यता दिए भारत ने अफगानिस्तान के साथ एक अलग तरह की डिप्लोमेसी की शुरूआत की है।

यह पाठ्यक्रम, जो आज से शुरू हो रहा है, उसमें भारत के आर्थिक वातावरण, सांस्कृतिक विरासत, सामाजिक पृष्ठभूमि, और भारत की विविधता के बारे में अनुभव करने और सीखने का अवसर प्रदान करेगा।

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