पाकिस्तान में भारी बारिश और उत्तरी पहाड़ों में ग्लेशियरों के पिघलने की वजह से आई बाढ़ में अब तक लगभग 1,300 लोगों को जान गंवानी पड़ी हैऔर 12,577 लोग घायल हो गए हैं।

अधिकारियों ने प्रभावित क्षेत्रों में डायरिया और मलेरिया जैसी जल जनित बीमारियों को फैलने से रोकने के लिए प्रयास तेज कर दिए हैं. विनाशकारी बाढ़ के कारण देश का एक तिहाई हिस्सा जलमग्न है. 3.3 करोड़ से अधिक लोग विस्थापित हो गए हैं.

पाकिस्तान की पहले से ही चरमराती अर्थव्यवस्था को 12.5 अरब अमरीकी डालर का आर्थिक नुकसान हुआ हैं रिपोर्ट में कहा गया है कि वर्तमान में पांच लाख से अधिक लोग बलूचिस्तान, खैबर पख्तूनख्वा, सिंध और पंजाब प्रांतों में राहत शिविरों में रह रहे हैं।

मंत्री ने कहा कि पाकिस्तान को 30 साल के औसत की तुलना में 500 प्रतिशत अधिक बारिश का खामियाजा भुगतना पड़ा है। वहीं लोगों बाढ़ की इस विभीषिका से निकालने के लिए पाकिस्तानी इंजीनियर तरह-तरह की तरकीब लगा रहे हैं ताकि शहर में घुसने वाले पानी की निकासी की जा सके।

डॉक्टर पेचुहो ने कहा कि बाढ़ प्रभावित लोगों में अब तक एक लाख से अधिक त्वचा से संबंधित, 101 सर्पदंश और 500 कुत्ते के काटने के मामलों की सूचना मिली है. उन्होंने बताया कि सिंध प्रांत में सांस लेने में परेशानी संबंधित बीमारियों सहित अन्य मामले बढ़ रहे हैं.

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