उत्तराखंड के शमशेरगढ़ में  करीब चार घंटे की मशक्कत के बाद गुलदार वन विभाग की गिरफ्त में आ गया।रेस्क्यू टीम के चार जवानों ने एक बड़ा जाल फेंककर गुलदार को काबू में किया।

जाल में कसके बांधने के बाद गुलदार को जब बाहर लाया गया तो उसे देखने के लिए सैकड़ों लोगों की भीड़ एकत्र हो गई। भीड़ और शोर शराबे के बीच गुलदार को हरे रंग के लोहे के पिंजरे में कैद कर लिया गया।तलाशी के दौरान गुलदार गोदाम में छिपा मिला।

वन विभाग की टीम ने उसे ट्रैंकुलाइज कर पकड़ लिया। रेंजर राकेश नेगी ने बताया कि यह दो साल की मादा गुलदार है। मेडिकल के बाद गुलदार को राजाजी टाइगर रिजर्व में छोड़ा जाएगा।

रेस्क्यू टीम ने पिंजरे को अपनी खुली जीप में रखा और भीड़ को हाथ हिलाकर अपनी कामयाबी का संदेश देते हुए रायपुर रेंज कार्यालय की तरफ बढ़ चले। इस तरह पिछले एक महीने से आतंक का पर्याय बनी गुलदार की दहशत भरी रोमांचक कहानी का पटाक्षेप हो गया।स्थानीय लोगों का दावा है कि दिवाली की रात बालावाला में जो गुलदार दिखा, वो इस तरह का नहीं था। बालावाला में दिखा गुलदार पूरी तरह वयस्क है।

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