शंघाई में बेकाबू कोरोना लहर के बाद चीन ने राजधानी बीजिंग में इसकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए सारे संसाधन झोंक दिए हैं। चीन इस वक्त ओमिक्रॉन की लहर से जूझ रहा है।

चीन अपनी ‘जीरो कोविड नीति’ में बिल्कुल भी ढील देने के मूड में नहीं है जिसका असर देश की अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। सबसे बड़ा शहर शंघाई सख्त लॉकडाउन और संक्रमण से बढ़ती मौतों की दोहरी मार झेल रहा है।

कोरोना का डर इस कदर फैल चुका है कि बीजिंग के कुछ इलाकों में लॉकडाउन लगा दिया गया है और एक जिले में कोविड टेस्ट को अनिवार्य कर दिया गया है।

चीन नहीं चाहता है कि उसे शंघाई की तरह बीजिंग में भी लॉकडाउन करना पड़े। सोमवार को उसने बीजिंग के बिजनेस, विदेशी दूतावास वाले चाओयांग जिले में व्यापक कोरोना परीक्षण शुरू किया। पांच दिनी अभियान के तहत अस्थाई जांच केंद्रों पर सोमवार को लंबी कतारें नजर आईं।

 रात आठ बजे तक ही 37 लाख से ज्यादा कोरोना टेस्ट किए जा चुके थे। देर रात तक अधिकारियों ने बताया कि इनमें से करीब पांच लाख की रिपोर्ट निगेटिव आ चुकी थी। मंगलवार को भी टेस्ट जारी रहेंगे .

 ये जांच बुधवार और शुक्रवार को भी दोहराई जाएगी। राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग की मंगलवार को जारी रिपोर्ट के अनुसार चीनी मुख्यभूमि में संक्रमण के स्थानीय प्रसार के 1,908 मामले सामने आए जिनमें से 1,661 मामले शंघाई से सामने आए।

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