संसद के बजट सत्र के दूसरे चरण की शुरुआत हो गई है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को संसद में वित्त वर्ष 2022-23 के लिए केंद्र शासित प्रदेश जम्मू और कश्मीर का बजट पेश कर दिया है।

उन्होंने लोकसभा में अनुदान के लिए पूरक मांग, अनुदान की मांग और जम्मू और कश्मीर के लिए अतिरिक्त अनुदान की मांग भी प्रस्तुत कीं।केंद्र सरकार 2022-23 के लिए अपने आम बजट में जम्मू कश्मीर के लिए 35,581.44 करोड़ रुपये की घोषणा पहले ही कर चुकी है।
जम्मू और श्रीनगर में प्रस्तावित मेट्रोलाइट रेल परियोजना के अलावा बठिंडा, जम्मू व श्रीनगर गैस पाइपलाइन, कीरू व कवार पन बिजली परियोजनाएं और शाहपुर कंडी और उज्ज परियोजनाएं मुख्य श्रेणी में शामिल हैं।

क्योंकि इस केंद्र शासित प्रदेश में कोई निर्वाचित सरकार नहीं है और इस समय विधानसभा नहीं है। इसकी अनुपस्थिति में जम्मू-कश्मीर विधानसभा की विधायी शक्तियां केंद्र सरकार के हाथों में निहित हैं।जम्मू और कश्मीर जून 2018 से निर्वाचित सरकार के बिना है। जब भाजपा ने राज्य में बिगड़ती सुरक्षा स्थिति का हवाला देते हुए महबूबा मुफ्ती के नेतृत्व वाली सरकार से समर्थन वापस ले लिया था।

पांच अगस्त 2019 को जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 निरस्त कर दिया गया। जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के तहत 31 अक्टूबर 2019 को दो केंद्र शासित प्रदेशों जम्मू कश्मीर और लद्दाख में पुनर्गठित हो चुका है।

 

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