रूस से जर्मनी के तक जाने वाली प्राकृतिक गैस पाइपालइन में रिसाव की खबर के बाद यूरोपीय संघ भड़क उठा है।दूसरी ओर इस हादसे से एक और चिंता बढ़ गई है. बाल्टिक सागर में रूसी गैस पाइपलाइनों के रिसाव से ग्रीनहाउस गैसों का उत्सर्जन बढ़ रहा है.

उसने इसको लेकर जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी है। यूरोपीय संघ (ईयू) के विदेश नीति के प्रमुख जोसेप बोरेल ने कहा कि संदेह है कि पानी के नीचे बनी दो प्राकृतिक गैस पाइपलाइन को जानबूझकर क्षतिग्रस्त किया गया।

पोलैंड के विदेश मंत्री ज़बिग्न्यू राऊ ने मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि नॉर्ड स्ट्रीम लीक के पीछे “रूसी हाइब्रिड युद्ध” कारण हो सकता है. उनके इस बयान के बाद से मंगलवार को यूरोप ने जर्मनी, डेनमार्क और स्वीडन द्वारा किए गए दावों की जांच शुरू की.

यूरोपीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे में जानबूझकर कोई भी व्यवधान डालने की कोशिश पूरी तरह से अस्वीकार्य है।   जिसमें उन्होंने कहा था कि दो रूसी गैस पाइपलाइनों पर हमला किया गया था जिससे बाल्टिक सागर में बड़ा रिसाव हुआ.  यह अभी भी स्पष्ट नहीं है कि उल्लंघनों के लिए कौन जिम्मेदार हो सकता है.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *