यूक्रेन के खिलाफ रूसी हमले की निगरानी करने वाली अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का मानना है कि रूस की गतिविधि से लग रहा है कि वह अगले 30 दिनों के भीतर यूक्रेन पर जमीनी आक्रमण कर सकता है।

लेकिन इसके लिए रूस जो खतरनाक प्लान बना रहा है वह अमेरिका और यूक्रेन के लिए बड़ा झटका हो सकता है।  अंतरराष्ट्रीय समुदाय में अपनी छवि को बनाए रखने के लिए रूस ‘फॉल्स फ्लैग’ ऑपरेशन के जरिए यूक्रेन पर हमले की योजना बना रहा है।

 रूसी सेना की योजना सैन्य आक्रमण से कई सप्ताह पहले इन गतिविधियों को शुरू करने की है, जो जनवरी के मध्य और फरवरी के मध्य में शुरू हो सकती है।फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन को अंजाम देने वाले की पहचान को पूरी तरह से छिपाया जाता है।
इस तरह के ऑपरेशन को अंजाम देने वाले गुप्तचरों को इस बात की पूरी जानकारी होती है कि यदि वे पकड़े गए तो सरकार उन्हें किसी तरह से भी स्वीकार नहीं करेगी।

रूस के साथ सीमा विवाद के बीच यूक्रेन पर एक बड़ा साइबर हमला हुआ है जिसके बाद से देश की कई सरकारी वेबसाइटें बंद हैं। यूक्रेन ने नागरिकों से डरने व इससे भी बड़े खतरे की आशंका जताई है। जो पहले ही पड़ोसी सीमा पर एक लाख से ज्यादा सैनिक भेज चुका है। रूस ने इस पर चुप्पी बरती है।

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