देशभर में 08 हजार बार रोजाना 2.0 तक की तीव्रता के भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। उत्तराखंड में इस साल-2022 अभी तक 700 से अधिक छोटे-बड़े भूकंप आ चुके हैं।

 भूकंप का मेग्नीट्यूड कम होने की वजह से लोगों ने झटके महसूस नहीं किए। राज्य में साल भर में 13 ऐसे भूकंप आए, जिनकी क्षमता चार मेग्नीट्यूड से ज्यादा रही और लोगों ने इन्हें महसूस भी किया।

हिमालयन भू-विज्ञान संस्थान के वैज्ञानिकों के मुताबिक, छोटे-छोटे भूकंप से पृथ्वी के अंदर से बड़ी ऊर्जा रिलीज होती है  वरिष्ठ वैज्ञानिक डा.अजय पॉल का कहना है कि भूकंप से बचाव का तरीका यही है कि भवन भूकंपरोधी तकनीक से कॉलम और बीम पर ही बनाए जाएं।

इस साल-2022 का पहला भूकंप 3.6 मेग्नीट्यूड का उत्तरकाशी में पांच जनवरी की सुबह 315 बजे दर्ज किया गया। पिछले दो माह में उत्तराखंड में चार ऐसे भूकंप आए जो लोगों ने महसूस किए।

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