सुप्रीम कोर्ट ने तीस्ता सीतलवाड़ की जमानत याचिका पर गुजरात सरकार को नोटिस जारी किया है। 2002 के गुजरात दंगों के मामलों में ‘बेगुनाहों’ को फंसाने के लिए कथित रूप से सबूत गढ़ने के आरोप में सामाजिक कार्यकर्ता तीस्ता सीतलवाड़ को जून में गिरफ्तार किया गया था.

तीस्ता की ओर से पेश वकील कपिल सिब्बल ने सुप्रीम कोर्ट में दलील देते हुए कहा कि सीतलवाड़ के लिए हम अंतरिम राहत चाहते हैं, क्योंकि हाईकोर्ट में 19 सितंबर को सुनवाई रखी गई है। जिसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप 25 अगस्त तक इंतजार कीजिए।

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आप 25 अगस्त तक इंतजार कीजिए। बता दें कि तीस्ता को गुजरात दंगों की साजिश के मामले में राज्य के उच्च पदाधिकारियों को फंसाने के लिए नकली दस्तावेज बनाकर हेराफेरी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

उनके वकीलों ने पुष्टि की कि उनके मुवक्किलों ने हाईकोर्ट के समक्ष जमानत याचिका दायर की है और 19 सितंबर को याचिकाओं पर सुनवाई होगी।  जब उनके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 468 (धोखाधड़ी के लिए जालसाजी करना) और 194 (झूठे सबूत गढ़ना) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

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