महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को बुधवार शाम करीब 5 बजे मुंबई की आर्थर रोड जेल से जमानत पर रिहा कर दिया गया।  बॉम्बे हाईकोर्ट ने केंद्रीय जांच ब्यूरो  द्वारा दर्ज भ्रष्टाचार के एक मामले में उन्हें जमानत देने के अपने आदेश पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

 प्रवर्तन निदेशालय ने उन्हें एक कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया था। देशमुख ने कहा, “मुझे न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है … हाईकोर्ट ने देखा है कि मुझे एक झूठे मामले में फंसाया गया था।” अजीत पवार सहित एनसीपी के वरिष्ठ नेताओं ने जेल के बाहर उनका स्वागत किया।

रिहाई की औपचारिकताएं पूरी होने और जमानत राशि भरने के बाद देशमुख को  शाम को जेल से रिहा कर दिया गया। उनके वकील अनिकेत निकम ने कहा कि सीबीआई ने उन्हें जमानत देने के आदेश को रोकने के लिए कल एक और अर्जी दी थी।

अनिल देशमुख को बॉम्बे हाईकोर्ट ने 12 दिसंबर को 1 लाख रुपये के मुचलके पर सशर्त जमानत दी थी10 दिनों की मोहलत दी गई थी, और बाद में इसे 27 दिसंबर तक बढ़ा दिया गया था। मंगलवार को याचिका को बॉम्बे हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया था।

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