नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के फोरेंसिक विशेषज्ञों ने पोस्टमार्टम जांच के बाद देश में ऐसे पहले मामले का खुलासा किया है।एम्स के फॉरेंसिक विभाग के एचओडी डॉक्टर सुधीर गुप्ता ने कहा कि पब्लिक के लिए यही संदेश है कि मोमोज चबाकर खाएं। इसे निगलने की कोशिश न करें, वरना यह खतरनाक हो सकता है।

यह मैदा का बना होता है और निगलने की स्थिति में यह सांस की नली में फंस सकता है। हालांकि यह बहुत रेयर मामला है।डॉक्टरों के अनुसार, एम्स के नजदीक दक्षिणी दिल्ली स्थित रेस्तरां में बीते दिनों 50 वर्षीय व्यक्ति मोमोज खा रहा था। अचानक से वह जमीन पर गिरा और उसकी मौत हो गई। एम्स में पोस्टमार्टम कंप्यूटेड टोमोग्राफी में उसके गले में मोमोज फंसा मिला। पेट में अल्कोहल भी था।

फॉरेंसिक विभाग के डॉक्टरों ने किया। रिपोर्ट में बताया गया है कि जब डॉक्टरों ने पोस्टमॉर्टम के दौरान डेडबॉडी की सीटी स्कैन जांच की, तो पाया कि गले में सांस की नली के पास मोमोज फंसा हुआ हैंभोजन करते वक्त वायु मार्ग में रुकावट से अप्रत्याशित मौत होने का यह पहला मामला नहीं है। विश्व में 12 लाख में से एक मौत भोजन के दौरान श्वास अवरोध से होती है।

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