योध्या के विवादित ढांचा विध्वंस के मामले में पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी समेत सभी आरोपियों को बुधवार को बड़ी राहत मिल गई। आरोपियों को बरी करने के खिलाफ दाखिल याचिका को हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने खारिज कर दिया है।

अयोध्या निवासी हाजी महबूब अहमद और सैयद अखलाख अहम की ओर से कोर्ट में यह अपील दाखिल की गई थी। मामले में शुरुआत में पुनरीक्षण याचिका दाखिल की गई थी। न्यायालय ने आपराधिक अपील में परिवर्तित करने का आदेश दिया था।

अपीलार्थियों का कहना है कि वे इस मामले में विवादित ढांचा गिराए जाने की वजह से पीड़ित पक्ष में हैं। लिहाजा उन्हें सत्र अदालत के फैसले को चुनौती देने का अधिकार है।

6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में विवादित ढांचा ढहाए जाने के मामले में 28 साल बाद फैसला आया था। सीबीआई की विशेष अदालत ने सभी आरोपियों को बरी करते हुए कहा था कि विध्वंस सुनियोजित नहीं था।

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