इलेक्ट्रिक वाहन अभी अपने शुरुआती दौर में हैं और यही वजह है कि अभी इनको लेकर बहुत नियम-कानून नही हैं.  जैसे-जैसे इनकी बिक्री बढ़ती जाएगी उसके हिसाब से इनके फीचर्स और अन्य चीजों को लेकर कई तरह के नियम भी बनेंगे जिनका पालन करना वाहन निर्माता कंपनियों के लिए अनिवार्य होगा.

लिस्ट के बारे में जानने से पहले जानिए कि इलेक्ट्रोनिक व्हीकल्स में अक्सर इतनी आसानी से आग कैसे लग जाती है। इलेक्ट्रोनिक व्हीकल्स में अक्सर बैटरी पैक और वायरिंग में अचानक आग लग जाती है।

बॉडी काफी हार्ड नहीं होती ऐसे में लगी हुई आग पर काबू पाना मुश्किल होता है। कई बार इसमें लगी एक चिंगारी तक पूरी गाड़ी को जला कर खाक कर देती है। भारी उद्योग मंत्रालय ने एलान किया है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए कुछ सेफ्टी टेस्ट.

उनके लिए जो ऑटोमोबाइल के लिए उत्पादन से जुड़े PLI  स्कीम के तहत इंसेंटिव का दावा करने के लिए और FAME II (फेम 2) के तहत बेचे जाने वाले ईवी के लिए अनिवार्य हो जाएंगे.

अब ये हैं नए नियम
– ऑटोमोबाइल कंपनियों के लिए प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेटिव स्कीम के अंदर ईवी की सेफ्टी टेस्टिंग करनी होगी।
– व्हीकल में लगने वाले बैटरी सेल की 6 तरह की टेस्टिंग होगी।
– एडवांस कैमिकल सेल के लिए भी ये नई टेस्टिंग जरूरी होगी।
– ये सभी टेस्ट न करवाने पर किसी भी कंपनी को PLI का लाभ नहीं मिलेगा।
– वहीं बैटरी पैक के 5 नए टेस्ट होंगे और बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम के 11 तरह के टेस्ट होंगे।
– इसके साथ ही कई अन्य तकनीकी टेस्ट भी नए नियमों में शामिल हैं जो ईवी की सुरक्षा को ग्रीन सिग्नल देंगे।

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