तुर्किये और सीरिया में भूकंप से हालात भयावह व बद से बदतर होते जा रहे हैं। भूकंप से मरने वालों की संख्या 9,400 से अधिक हो गई है। मृतकों की संख्या बढ़ने के साथ ही यह एक दशक से अधिक समय में सबसे घातक भूकंपीय घटना बन गई है।

दोनों देशों की मदद के लिए 70 से भी ज्यादा देश आगे आए हैं। भारत भी ‘ऑपरेशन दोस्त’ के तहत मदद भेज रहा है। टर्किश और हिंदी भाषा में ‘दोस्त’ शब्द का इस्तेमाल होता है, इसलिए इस ऑपरेशन का नाम दोस्त रखा गया है।

 तुर्किये के कई शहरों में तापमान 9 से माइनस 2 डिग्री सेलसियस पहुंच गया है।ऐसी स्थिति में लोगों को हाइपोथर्मिया होना का खतरा है। हाइपोथर्मिया में शरीर में हीट प्रोड्यूस नहीं हो पाती है जिससे बॉडी टेम्परेचर तेजी से कम होने लगता है। UN ने कहा है कि बर्फबारी और बारिश के कारण भूकंप से प्रभावित दोनों ही देशों में बचाव कार्य प्रभावित हो रहा है।

वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन का कहना है कि मौत का आंकड़ा 20 हजार के पार जा सकता है। ​​​​​तुर्किये में 7,108 लोगों की जान जा चुकी है और 34 हजार 810 से ज्यादा लोगों के घायल होने की खबर है। सीरिया में 2,547 लोग मारे गए और 3,849 से ज्यादा जख्मी हैं। इस तरह मरने वालों की संख्या बढ़कर 7,926 हो गई है। तुर्किये में 8 हजार लोगों को बचा लिया गया है।

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