नेपाल में नई सरकार बने अभी एक महीना ही हुआ है कि सात दलों के सत्ताधारी गठबंधन में गंभीर उथल-पुथल शुरू हो गई है। गठबंधन में शामिल छोटे दल इस बात से नाराज हैं कि दोनों प्रमुख कम्युनिस्ट पार्टियां उनकी अनदेखी कर आपसी राय-मशविरे से फैसले ले रही हैं।

गठबंधन सरकार का नेतृत्व कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (माओइस्ट सेंटर) के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल कर रहे हैं, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली की कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल (यूएमएल) इस गठबंधन में सबसे बड़ा दल है।

नाराजगी की वजह से कई दलों ने सरकार में शामिल होने से इनकार कर रखा है।  नागरिक उन्मुक्ति पार्टी ने नेशनल असेंबली की एक खाली सीट के लिए होने वाले चुनाव में सत्ताधारी गठबंधन के उम्मीदवार के खिलाफ अपना प्रत्याशी उतारने का एलान कर दिया है। ये पार्टी भी दहल सरकार को समर्थन दे रहे सात दलों में शामिल है।

नागरिक उन्मुक्ति पार्टी ने अपने नेता राजेंद्र वीर राया ने इस उप चुनाव में उतारने की घोषणा कर दी है।  विपक्षी नेपाली कांग्रेस भी यहां चुनाव लड़ रही है। श्रेष्ठ ने कहा- ‘प्रतिनिधि सभा में विश्वास मत पर मतदान के समय हमने पुष्प कमल दहल के पक्ष में मतदान किया था। लेकिन जब तक हमारे नेताओं को जेल से नहीं छोड़ा जाता है, हम सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा नहीं बनेंगे।’

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