पिछले करीब 10 माह से यूक्रेन से जंग लड़ रहे रूस की मुश्किलें बढ़ रही हैं।  रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने खुद स्वीकार किया है, यूक्रेन के जिन चार इलाकों को रूसी हिस्सा घोषित कर लिया, वहां हालात बेहद मुश्किल हैं।
रूस में व्यापक तौर पर मनाए गए सुरक्षा सेवा दिवस के मौके पर पुतिन ने रूसी सीमाओं को मजबूत करने का भी आदेश दिया। उन्होंने रूस द्वारा नियंत्रित यूक्रेन के इलाकों में लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया।
भारत ने बीते दिनों इस बात पर जोर दिया था कि मौजूदा दौर जंग का नहीं है। शांति और संवाद ही एकमात्र उपाय है। इसके बाद भी यूरोपीय देशों और अमेरिका की ओर से युद्ध रोकने के लिए कोई उत्साहजनक प्रतिक्रिया नहीं आई। एक ठंडा सा रवैया था। खीझे हुए रूस ने तब आक्रामक बयान दिया कि वह यूक्रेन के खिलाफ सभी विकल्पों का उपयोग करने के लिए आजाद है।
 इस माह की शुरुआत में उन्होंने कहा कि जंग लंबी चल सकती है। भारत और चीन ने परमाणु हथियारों के विकल्प का इस्तेमाल नहीं करने की बात कही। अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए के मुखिया विलियम बर्न्स ने अवश्य इसके बाद भारत और चीन के रवैये पर प्रसन्नता जताई और कहा कि रूस के दो शुभचिंतक देशों के इस कथन से उस पर दबाव पड़ा है।

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