पूर्व विधायक विजय मिश्र के कुनबे की मुसीबतें जारी हैं। जिलाधिकारी गौरांग राठी के आदेश पर उनके भतीजे व डीघ ब्लाक प्रमुख मनीष मिश्र के तीन शस्त्र लाइसेंस निरस्त कर दिए गए हैं।

एसपी डा. अनिल कुमार ने बताया कि विजय मिश्र गैंग के सक्रिय सदस्य मनीष मिश्रा पर प्रयागराज की एक दलित महिला ने गत वर्ष काम दिलाने के नाम पर गैंगरेप का आरोप लगाया था।  डीएम ने गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए मनीष मिश्र के नाम पर जारी तीन शस्त्रों के लाइसेंस को निरस्त कर दिया है। इसमें राइफल, रिवाल्वर व डीबीबीएल है।

वर्तमान में थाना जैतपुरा जनपद वाराणसी पर पंजीकृत लूट व हत्या के अभियोग में गैंगस्टर अभियुक्त मनीष मिश्रा जेल में निरुद्ध है। एसपी ने बताया कि आरोपित पर भदोही, वाराणसी सहित महाराष्ट्र राज्य में लूट, हत्या, सामूहिक दुष्कर्म, गैंगस्टर, गुंडा, एनएसए व धोखाधड़ी के गम्भीर अपराधों के कुल-21 अभियोग पंजीकृत हैं।  डीएम ने गैंगस्टर एक्ट के तहत विजय मिश्र के बेटे, बहू व समधी के नाम पर मिर्जापुर जिले के लालगंज तहसील में खरीदी गई करीब 11 करोड़ रुपये की जमीन को कुर्क करने का आदेश दिया है।

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