ईरान से शुरू हुई हिजाब की लड़ाई अब भारत तक पहुंच गई है. महिलाओं पर लगातार हो रहे अत्याचार के विरोध में बनाए गए वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं. ईरान के मुख्य समाचार चैनल को भी हैक कर लिया गया। हैकर्स ने प्रदर्शनकारियों की तस्वीरों को हटाकर अली खामेनेई की तस्वीर लगा दी। इस घटना की जिम्मेदारी हैक्टिविस्ट समूह एडलत-ए अली ने ली है।

आपको बता दे की अमिनी को 16 सितंबर को मृत घोषित कर दिया गया था। उसे कथित तौर ढीले-ढाले तरीके से हिजाब पहनने के आरोप में हिरासत में लिया गया था। इस घटना ने ईरान में एक नए विद्रोह को हवा दे दी।

ईरानी शासन के विरोध में सैकड़ों हाई-स्कूल की लड़कियां और विश्वविद्यालय के छात्र शामिल हुए। अमीनिस के अंतिम संस्कार में पश्चिमी ईरान में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। हिरासत में युवती की मौत के विरोध में महिलाओं ने अपना हिजाब उतार दिए। सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया। महिलाओं ने “तानाशाह की मौत!” के नारे भी लगाए।

सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारी ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के सत्ता से हटने की मांग कर रहे हैं। वहीं, सरकार ने इन प्रदर्शनों को अमेरिका समेत ईरान के दुश्मनों की साजिश बताया है। सरकार का कहना है कि इन प्रदर्शनों में 20 सुरक्षाबलों की भी जान गई है।

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