यूक्रेन  और रूस  ने एक डील  पर हस्ताक्षर करके पूरी दुनिया पर मंडरा रहे संकट को फिलहाल के लिए टाल दिया है. ये समझौता रूस या यूक्रेन में नहीं बल्कि तुर्की में हुआ।इसे फैसले से युद्ध के बीच यूक्रेन में पड़े लाखों टन अनाज का निर्यात किया जा सकेगा.

रूस और यूक्रेन के बीच हुए इस समझौते से अब यूक्रेन के गोदामों में पड़े अनाज अनाज को काला सागर के समुद्री रास्ते से बाहर भेजा जा सकेगा। रूस ने इस बात की गारंटी दी है कि वह अनाज ले जा रहे जहाजों पर हमला नहीं करेगा। रूस उन बंदरगाहों को भी निशाना नहीं बनाएगा जहां से अनाज से भरे मालवाहक जहाज रवाना होंगे।

संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुतारेस और तुर्की के रक्षा मंत्री हुलुसी अकार के साथ इस सिलसिले में अलग-अलग समझौतों पर हस्ताक्षर किए गुतारेस ने कहा कि यह उम्मीद की, संभावना की, दुनिया के लिए राहत की किरण है जिसकी काफी जरूरत थी.

यह समझौता यूक्रेन को 2.2 करोड़ टन अनाज अनाज और अन्य एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स का एक्सपोर्ट करने में सक्षम बनाएगा. यह अनाज युद्ध के चलते काला सागर के बंदरगाहों पर फंसा हुआ है.

रूस और यूक्रेन के बीच हुआ ये अहम समझौता तुर्की में हुआ। समझौते पर रूसी रक्षा मंत्री सेर्गेई शाइगु ने और यूक्रेन के इन्फ्रास्ट्रक्चर मंत्री ओलेकसांद्र कुब्राकोव ने हस्ताक्षर किए। तुर्की के राष्ट्रपति अर्दोआन ने इस समझौते पर खुशी जताई है और कहा है कि युद्ध खत्म करने की दिशा में एक अहम कदम है। 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *