रूस और यूक्रेन के बीच 30वें दिन भी जंग जारी है. इस जंग में भारी संख्या में लोग हताहत हुए हैं. हजारों की संख्या में दोनों देशों के सैनिक भी मारे गए हैं. यूक्रेन अपनी धरती पर मारे गए हमलावर रूसी सैनिकों की पहचान करने के लिए चेहरा पहचानने की तकनीक का इस्तेमाल कर रहा है.

इस तकनीक के इस्तेमाल से मृतकों के परिवारों को ट्रैक करने और सूचित करने का प्रयास किया जा रहा है. यूक्रेन का कहना है कि इसका मकसद रूस के वॉर इनफॉर्मेशन फिल्टर में सुराग करना है.

अमेरिकी आधारित क्लियरव्यू एआई, जिसकी अक्सर गोपनीयता की वकालत करने वालों द्वारा आलोचना की जाती है, का कहना है कि इसने यूक्रेनी अधिकारियों को अपनी सेवा तक मुफ्त पहुंच प्रदान की है, जो किसी की पहचान करने की कोशिश कर रहे यूजर्स द्वारा अपलोड की गई तस्वीरों के लिए इंटरनेट से छवियों से मेल खाती है.

रूस और यूक्रेन के बीच 24 फरवरी से लगातार युद्ध जारी है. दोनों देशों के हजारों सैनिक मारे गए हैं. क्रेमलिन ने आधिकारिक रूप से अंतिम बार 500 सैनिकों के मारे जाने की बात कही थी लेकिन उसके बाद कोई अपडेट इसमें नहीं किया गया.  स्थानीय रूसी मीडिया में सैनिकों की मौत और उनके अंतिम संस्कार की भी खबरें सामने आई हैं.

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