गोरखनाथ मंदिर के सुरक्षाकर्मियों पर हमला करने के दोषी अहमद मुर्तजा को अदालत ने फांसी की सजा सुनाई है। एनआईए-एटीएस के विशेष न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी की कोर्ट ने उसे यूएपीए, देशद्रोह, गोरखनाथ मंदिर के सुरक्षाकर्मियों पर हमले समेत कई अपराधों में सजा सुनाई गई है।

पिछले साल 4 अप्रैल को वारदात को अंजाम दिया गया था। हमले के नौ महीने के अंदर ही उसके खिलाफ ट्रायल पूरा कर सजा का ऐलान कर दिया गया है। मुर्तजा ने गोरखनाथ मंदिर गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों पर जानलेवा हमला किया था।

इस दौरान वह धार्मिक नारे भी लगा रहा था। बांका से किए गए हमले में कई जवान घायल हो गए थे। उसे किसी तरह काबू करने के बाद गोरखनाथ थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था।

उसे अदालत ने एक सप्ताह के लिए पुलिस कस्टडी रिमांड में भेजा था। शासन ने मुकदमे की विवेचना एटीएस को सौंप दी थी। मुर्तजा को लेकर एटीएस उसके घर पहुंची तो कमरे से डोंगल व एयरगन मिला था।

इसके बाद आरोपी का बयान दर्ज किया गया। अदालत ने आरोपी के अधिवक्ता (एमिकस क्यूरी) एवं अभियोजन की अंतिम बहस सुनने के बाद आरोपी को 27 जनवरी को जेल से तलब किया और उसे धारा 16/18/ 20 एवं 40 के तहत भी दोषी करार दिया है।

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