परिवहन मंत्रालय की ओर से जारी सड़क हादसों की रिपोर्ट में उन  राज्यों को नाम सामने आए हैं जहाँ सबसे ज्यादा सड़क हादसे रिकॉर्ड हुआ एहियन इसके तमिलनाडु पहले, मध्य प्रदेश दूसरे और यूपी तीसरे स्थान पर है।

कुल 43.5 फीसदी लोगों की मौत दोपहिया वाहन चलाने के दौरान हुई. वहीं ट्रैफिक सिग्नल तोड़ने के क्रम में हुई मौत के आंकड़ों में 79 फीसदी की वृद्धि हुई है. इस कारण साल 2020 में सड़क हादसों में होने वाली मौतों में 20 फीसदी की वृद्धि हुई थी.

मंत्रालय ने वर्ष 2016 से 2020 तक हुए सड़क हादसों की विश्लेषणात्मक रिपोर्ट जारी करी  है। उत्तराखंड में 2016 में 1591, 2017 में 1603, 2018 में 1468, 2019 में 1352 और 2020 में 1041 हादसे हुए।

उत्तराखंड में हादसों में हेलमेट न होने पर दोपहिया संचालक 103 लोगों की मौत हुई और 90 लोग घायल हुए। जबकि दोपहिया वाहन पर बिना हेलमेट पीछे बैठने के मामले में 74 लोगों की मौत हुई और 74 घायल हुए।

मगर फिर भी साल 2020 में सड़क हादसों में जान गंवाने वालों की संख्या में वृद्धि देखी गई. आंकड़े बताते हैं कि लोगों ने धड़ल्ले से यातायात नियमों को तोड़ा था. रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2020 में दोपहिया वाहनों की दुर्घटना में मरने वालों की संख्या 57,282 थी.

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