करीब ढाई दशक से स्पेलिंग बी प्रतियोगिता में भारतीय मूल के बच्चों का वर्चस्व रहा है।टेक्सास के सैन एंटोनिया की 14 वर्षीय हरिनी 8वीं की छात्रा हैं। प्रतियोगिता में 8वीं तक के बच्चे ही भाग लेते हैं।

फिर भी इस स्पेलिंग कॉम्पिटिशन के फाइनल में क्वॉलिफाई करने वाले 300 बच्चों में से हर साल 20% से ज्यादा भारतवंशी होते हैं।साल 2008 से लगातार भारतीय मूल का बच्चा इसे जीत रहा है।

हरिनी का आखिरी मुकाबला भारतीय मूल के ही डेनवर निवासी कक्षा 7 के छात्र विक्रम राजू से हुआ। आखिरी दौर स्पेल ऑफ में हरिनी ने 90 सेकंड में 22 शब्दों का सही उच्चारण कर जीत हासिल की। हरिनी को 50 हजार व उपविजेता विक्रम राजू को 25 हजार डॉलर मिले।

लोगन के कोच ग्रेस वॉल्टर ने बताया कि वह बहुत प्रतिभाशाली बच्ची है और हर चुनौती का सामना करने को तैयार रहती हैं। साल 1999 में जब नूपुर लाला विजेता बनी थीं तो 17 फाइनलिस्ट में 13 भारतवंशी थे। भारतवंशियों की इस सफलता को देख प्रतियोगिता का लाइव प्रसारण करने वाला ESPN नेटवर्क भी होस्ट भारतीय मूल का रखने लगे हैं।

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