इन दिनों बैक्टीरिया व वायरस की वजह से फैलने वाले इंफेक्शन लोगों की सेहत, फूड सेफ्टी व इकॉनमी के लिए तेजी से खतरा बनते जा रहे हैं क्योंकि ऐंटिबायॉटिक के प्रति प्रतिरोधक क्षमता  तेजी से बढ़ती जा रही है. साधारण शब्दों में समझें तो कॉमन बीमारियों में प्रयोग होने वाले ऐंटिबायॉटिक्स का बीमारियों पर प्रभाव कम होता जा रहा है.
कोई लक्षण दिखाए बिना वर्षों आंत में छिपे रहते हैं ये सुपरबग्स

पौधों से इंसानों में फैलने वाला ऐंटिबायॉटिक रेजिस्टेंट सुपरबग्स, दूषित सब्जियों का सेवन करने के बाद तुरंत होने वाले डायरिया जैसी बीमारियों से बिलकुल अलग है. इस तरह के सुपरबग्स कई बार बिना कोई लक्षण दिखाए हुए महीनों व वर्षों तक हमारे शरीर के आंत में छिपकर रहते हैं व शरीर में यूरिनरी इंफेक्शन जैसी कई समस्याएं पैदा करते हैं.

  • अगर आपकी डेली डायट में फल व सब्जियों का इन्टेक कम है यानी अगर आप हर दिन के भोजन में फल व सब्जियां कम खाते हैं तो आपको सावधान होने की आवश्यकता है.एक नयी स्टडी में दावा किया गया है कि फल व सब्जियां कम खाने से हर वर्ष लाखों लोग दिल से जुड़ी बीमारियों व स्ट्रोक की वजह से मृत्यु का शिकार हो जाते हैं.
  • अमेरिका के मेरीलैंड स्थित बाल्टीमोर कन्वेन्शन सेंटर में न्यूट्रिशन 2019 नाम की एक बैठक में इस स्टडी के नतीजे जारी किए गए जिसमें यह बताया गया कि कम मात्रा में फलों का सेवन करने से औसतन 7 में 1 आदमी की दिल से जुड़ी बीमारी की वजह से मृत्यु हो जाती है जबकी ठीक मात्रा में सब्जियों का सेवन न करने से 12 में से 1 आदमी की दिल से जुड़ी बीमारी की वजह से मृत्यु हो जाती है.
  • अनुसंधानकर्ताओं की मानें तो वर्ष 2010 में फलों का कम सेवन करने की वजह से दुनियाभर में करीब 18 लाख लोगों की मृत्यु हो गई थी जबकि कम सब्जियां खाने से करीब 10 लाख लोगों की मृत्यु हो गई थी. ये आंकड़े दिखाते हैं कि कम फलों का सेवन करने से मृत्यु के आंकड़े सब्जियां कम खाने की तुलना में करीब 2 गुना है.
  • स्टडी की लीड ऑथर विक्टोरिया मिलर कहती हैं, फल व सब्जियां हमारी डायट का एक ऐसा भाग है जो दुनियाभर में preventable मौतों को रोक सकता है. हमारी स्टडी के नतीजे इस ओर संकेत करते हैं कि दुनियाभर में आबादी के आधार पर ऐसे महत्वपूर्ण कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि लोगों के बीच फल व सब्जियों के सेवन को बढ़ाया जा सके.
  • डायट से जुड़ी गाइडलाइन्स व दिल से जुड़ी बीमारियों के खतरे से जुड़ी स्टडीज के आधार पर अनुसंधानकर्ताओं ने बताया कि हर दिन करीब 300 ग्राम फलों का सेवन महत्वपूर्ण है जो औसतन 2 छोटे सेब के बराबर है. तो वहीं हर दिन करीब 400 ग्राम सब्जियों का सेवन भी बेहद महत्वपूर्ण है जिसमें फलियां भी शामिल हैं जो औसतन करीब 3 कप कच्चे गाजर के बराबर है.

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