अमेरिका में राहुल गांधी लगातार भाजपा और पीएम मोदी के खिलाफ अंगारे उगल रहे हैं। वह कहते हैं कि भाजपा देश में नफरत फैला रही है और ऐसी स्थिति में वो मोहब्बत की दुकान खोल रहे हैं।

राहुल गांधी ने कहा है कि जब वह राजनीति में आए थे, तब उन्होंने सोचा भी नहीं था कि उन्हें लोकसभा की सदस्यता से कभी अयोग्य घोषित किया जाएगा, लेकिन इसने उन्हें लोगों की सेवा करने का एक ‘‘बड़ा अवसर’’ दिया है। राजनीति ऐसी ही होती है।

‘‘मोदी उपनाम’’ को लेकर की गई राहुल की टिप्पणी से जुड़े 2019 के आपराधिक मानहानि के मामले में सूरत (गुजरात) की एक अदालत द्वारा उन्हें (राहुल को) इस साल की शुरुआत में दोषी करार दिया गया था। इसके बाद उन्हें लोकसभा की सदस्यता से अयोग्य घोषित कर दिया गया था।

’राहुल ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि यह नाटकीय घटनाक्रम असल में करीब छह महीने पहले शुरू हुआ। हम संघर्ष कर रहे थे। पूरा विपक्ष भारत में संघर्ष कर रहा है। सारा धन कुछ लोगों के पास है। संस्थाओं पर कब्जा कर लिया गया है। हम अपने देश में लोकतांत्रिक लड़ाई लड़ने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।’’ राहुल ने कहा कि उन्होंने उस समय ही ‘भारत जोड़ो यात्रा’ शुरू करने का फैसला किया। उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में भारतीय छात्रों और भारतीय मूल के शिक्षाविदों के साथ बातचीत के दौरान कहा, ‘‘मैं एकदम स्पष्ट हूं कि हमारी लड़ाई हमारी है। हालांकि, यहां भारत के युवा छात्रों का एक समूह है।”

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