हेमकुंड साहिब में अप्रैल में हुई बर्फबारी के कारण तीर्थयात्रा का संचालन कराना जिला प्रशासन के साथ ही गुरुद्वारा प्रबंधन के लिए चुनौतीपूर्ण बना रहेगा। गुरुद्वारा प्रबंधन ने निर्णय लिया है कि गोविंदघाट से दोपहर दो बजे बाद किसी भी तीर्थयात्री को घांघरिया नहीं भेजा जाएगा जबकि घांघरिया से सुबह 10 बजे के बाद तीर्थयात्री हेमकुंड साहिब नहीं भेजे जाएंगे।

आस्था पथ पर भारी बर्फ जमी होने के कारण घांघरिया से हेमकुंड साहिब (6 किमी) तक घोडे़-खच्चरों की आवाजाही भी बर्फ पिघलने तक प्रतिबंधित रहेगी। इस बार हेमकुंड साहिब की तीर्थयात्रा बीते सालों की तुलना में पांच दिन पहले शुरू हो रही है। हेमकुंड साहिब से दो किमी पहले अटलाकुड़ी तक आस्था पथ बर्फ से ढका है।

गोविंदघाट से दोपहर दो बजे के बाद किसी भी तीर्थयात्री को घांघरिया जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। घांघरिया से सुबह दस बजे तक ही तीर्थयात्रियों को हेमकुंड साहिब जाने की अनुमति दी जाएगी।

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