चीन को लेकर कैसी नीति अपनाई जाए, इस पर यूरोपियन यूनियन (ईयू) के अधिकारियों में मतभेद पैदा हो गए हैं। यह खबर वेबसाइट पॉलिटिको.ईयू ने अपनी एक्सक्लूसिव रिपोर्ट में दी है।

इसमें बताया गया है कि चीन के प्रति सख्त नीति अपनाने के लिए ईयू पर अमेरिका राष्ट्रपति जो बाइडन लगातार दबाव डाल रहे हैं। लेकिन यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष चार्ल्स मिशेल और कई अन्य अधिकारी चीन के खिलाफ उग्र रुख अपनाने के पक्ष में नहीं हैं।

यूरोपियन काउंसिल में ईयू के सभी सदस्य देशों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। ईयू में 27 देश शामिल हैं। जर्मनी चीन में सबसे ज्यादा निवेश करने वाले देशों में बना हुआ है। खास कर वहां की कार इंडस्ट्री में जर्मनी का बड़ा निवेश है। इसलिए जर्मनी चीन के साथ व्यापारिक संबंध बनाए रखने के पक्ष में है।

यूरोपियन कमीशन की अध्यक्ष उरसुला वॉन डेर लियेन चीन के प्रति अमेरिका की तरह ही बेहद सख्त नीति की समर्थक हैं। यूरोपियन कमीशन ही वह संस्था है, चीन से व्यापार संबंध की नीति तय करने में सबसे महत्त्वपूर्ण भूमिका है।  हम अमेरिका के सहभागी हैं, लेकिन हम उसका गुलाम नहीं हैँ। हमारी राय है कि चीन के साथ संबंध पूरी तरह नहीं तोड़ा जाना चाहिए।’

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