देश की शीर्ष आईटी कंपनियों में से एक विप्रो ने अपने सैंकड़ों कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक निकाले गए सभी कर्मचारी फ्रेशर्स थे और इन्हें इंटरनल टेस्ट में खराब प्रदर्शन के बाद निकाला गया है।

विप्रो ने बताया, ‘हमें 452 फ्रेशर्स को नौकरी से निकालना पड़ा क्योंकि उन्होंने ट्रेनिंग के बाद भी बार-बार टेस्ट में खराब प्रदर्शन किया।’ निकाले गए सभी कर्मचारियों को उनका टर्मिनेशन लेटर मिल गया है।

लेटर में कहा गया है कि कंपनी ने सभी एंप्लॉययी के ट्रेनिंग पर 75,000 रुपए खर्च किए हैं जो शर्तों के मुताबिक टेस्ट में फेल होने के बाद उन्हें चुकाने हैं लेकिन कंपनी ने इस रकम को माफ कर दिया है।

कंपनी ने जारी एक बयान में कहा, ‘विप्रो में हमने खुद के लिए उच्चतम मानक बनाए हैं, जिन पर हम गर्व महसूस करते हैं। हम कंपनी में आने वाले सभी नए कर्मचारी से यह उम्मीद करते हैं वह निर्धारित कार्य के एरिया में एक निश्चित दक्षता हासिल करे।

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