आपने बैंक लॉकर लिया हुआ है या लेने की योजना बना रहे हैं तो यह खबर आपके काम की है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के संशोधित अधिसूचना बैंक लॉकर के मामले में मनमानी नहीं कर सकेंगे और ग्राहक को नुकसान होने की स्थिति में अपनी जिम्मेदारी से मुकर नहीं सकेंगे।

एसबीआई और पीएनबी समेत अन्य बैंकों ने ग्राहकों को एसएमएस के जरिये नए नियमों की जानकारी देनी शुरू कर दी है। बैंक एक 1 जनवरी 2023 तक मौजूदा लॉकर ग्राहकों के साथ अपने लॉकर करार (एग्रीमेंट) का नवीनीकरण करेंगे।

विधिवत मुहर लगे कागज पर दोनों पक्षों द्वारा हस्ताक्षरित लॉकर समझौते की एक प्रति लॉकर किराएदार को उसके अधिकारों और जिम्मेदारियों को जानने के लिए दी जाती है। करार की मूल प्रति बैंक की उस शाखा के पास रहता है जहां लॉकर की सुविधा ग्राहक को दी गई होती है।

आरबीआई ने कहा कि बैंकों को खाली लॉकरों की सूची और लॉकर की प्रतीक्षा सूची संख्या दिखानी होगी। लॉकर का किराया 1,500 रुपये है, तो बैंक को अन्य रखरखाव शुल्कों को छोड़कर आप से 4,500 रुपये से अधिक शुल्क नहीं ले सकते हैं।

रिजर्व बैंक के संशोधित निर्देश अधिसूचना के अनुसार बैंक यह सुनिश्चित करेंगे कि उनके लॉकर करार में कोई अनुचित नियम या शर्तें शामिल नहीं हैं। बैंक के हितों की रक्षा के लिए अनुबंध की शर्तें आवश्यकता से अधिक कठिन नहीं होंगी।

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