बिहार के छपरा में जहरीली शराब से हुई मौत के बाद नेता प्रतिपक्ष विजय कुमार सिन्हा के द्वारा पीड़ित के परिजनों को मुआवजा देने की मांग की जा रही है। लेकिन मुख्यमंत्री ने साफ-साफ कहा है कि जो पिएगा वो मरेगा। मुआवजा देने का सवाल कहां उठता है।

नीतीश कुमार के इस बयान की बाद यह बात खुलकर सामने आई है कि 6 साल पहले गोपालगंज के खजुरबन्नी गांव में जहरीली शराब कांड में 19 लोगों की मौत के बाद सरकार ने पीड़ित परिवार को 4-4 लाख का मुआवजा दिया था।

इस मामले में एक बार फिर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की गलतबयानी सामने आ गई है। भाजपा का कहना है  2016 के अगस्त माह में बिहार के गोपालगंज जिले के खजूरबन्नी में शराबबंदी के बाद सबसे पहला जहरीली शराब कांड हुआ, जिसमें जहरीली शराब पीने से 19 लोगों की मौत हो गई थी और कम से कम 10 लोगों के आंखों की रोशनी चली गई थी।

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