गुजरात में विधानसभा चुनाव का एलान होने से पहले समान नागरिकता संहिता को लेकर चर्चाएं काफी तेज हो चली हैं।विधानसभा चुनाव से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गृह राज्य में बड़े पैमाने पर प्रचार कर रहे दिल्ली के मुख्यमंत्री ने कहा, “उनका इरादा गलत है।” हालांकि राज्य विधानसभा चुनाव की तारीखों की घोषणा अभी नहीं हुई है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा, “संविधान के अनुच्छेद 44 में, यह स्पष्ट रूप से कहा गया है कि समान नागरिक संहिता को तैयार करना सरकार की जिम्मेदारी है। इसलिए सरकार को यूसीसी बनाना चाहिए। यह सभी समुदायों के विचार लेकर किया जाना चाहिए।”

केजरीवाल ने पूछा कि अगर समान नागरिक संहिता लागू करनी ही है तो मध्यप्रदेश में क्यों नहीं करते? उत्तर प्रदेश में क्यों नहीं बनाते? अगर उनकी नीयत समान नागरिक संहिता लागू करने की होती तो इसे क्यों नहीं बनाते और देश में लागू क्यों नहीं करते? क्या वे लोकसभा चुनाव का इंतजार कर रहे हैं? इन्हें समान नागरिक संहिता लागू नहीं करनी है, बल्कि इनकी नीयत खराब है।

 

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