लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी शाहिद महमूद को ग्लोबल टेरेरिस्ट की लिस्ट में शामिल करने पर चीन ने फिर अड़ंगा लगाया है। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत और अमेरिका इसके लिए प्रस्ताव लाए थे।शाहिद महमूद के खिलाफ एनआईए ने दिल्ली में केस दर्ज किया है।

इससे पहले भारत और अमेरिका ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की और अल कायदा प्रतिबंध समिति के तहत मक्की को वैश्विक आतंकवादी घोषित किए जाने के लिए एक संयुक्त प्रस्ताव पेश किया था. लेकिन चीन ने इस प्रस्ताव को भी अंतिम क्षण में बाधित कर दिया था.

बता दें कि मक्की लश्कर-ए-तैयबा का लीडर है और 26/11 मुंबई हमलों के मुख्य साजिशकर्ता हाफिज सईद का रिश्तेदार है.यह चौथी बार है जब चीन ने पाकिस्तानी आतंकियों का सपोर्ट किया है।यह केस फलाह-ए-इंसानियत FIF टेरर फंडिंग का है। FIF को 14 मार्च 2012 को संयुक्त राष्ट्र ने लश्कर-ए-तैयबा की ओर से काम करने वाली आतंकवादी संस्था करार दिया था।

अक्तूबर 2020 में भारत ने शाहिद महमूद को यूएपीए 1967 के तहत वांछित आतंकियों की सूची में शामिल किया था।इससे पहले भी चीन ने जैश-ए-मोहम्मद के कमांडर अब्दुल रउफ, आतंकी अब्दुल रहमान मक्की और जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मौलाना मसूद अजहर को ग्लोबल टेरेरिस्ट घोषित करने के प्रस्ताव का विरोध किया था।

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