उत्तराखंड में द्रौपदी का डांडा चोटी के पास हुए हिमस्खलन में मारे गए लोगों के शव आज सोमवार को  मातली हेलीपैड  लाए गए।अब तक कुल 21 शव परिजनों को सौंपे जा चुके हैं जबकि दो प्रशिक्षुओं की तलाश जारी है।

बीते चार अक्तूबर को द्रौपदी का डांडा-2 चोटी पर आरोहण के दौरान हिमस्खलन की चपेट में आकर निम के प्रशिक्षु पर्वतारोही व प्रशिक्षकों सहित 29 लापता हो गए थे।गौरतलब है कि नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (एनआईएम) के 29 पर्वतारोही चढ़ाई के बाद लौटते समय चार अक्टूबर को 17 हजार फुट की ऊंचाई पर द्रौपदी का डांडा-द्वितीय चोटी पर हिमस्खलन की चपेट में आ गए थे।

उसी दिन राज्य आपदा राहत बल, भारत-तिब्बत सीमा पुलिस, सेना और भारतीय वायु सेना ने खोज एवं बचाव अभियान शुरू कर दिया था जो अब भी चल रहा है। जिला मजिस्ट्रेट ने कहा, ‘हिमस्खलन प्रभावित क्षेत्र में लगातार हिमपात से खोज अभियान बाधित हो रहा है,  हमें जल्द ही अभियान खत्म होने की उम्मीद है।’

छह अक्तूबर से एसडीआरएफ, आईटीबीपी, सेना, हॉज व निम ने घटना स्थल पर रेस्क्यू अभियान शुरू किया था। बीते शनिवार तक 11 शव परिजनों को सौंप दिए गए थे। रविवार को भी पोस्टमार्टम के बाद 10 शव परिजनों को सौंप दिए गए। अब तक कुल 21 शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं।

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