उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने 5 सितंबर को लखनऊ में लेवाना सूट होटल में आग लगने की घटना में कथित ढिलाई बरतने के आरोप में 15 अधिकारियों को निलंबित कर दिया है. हादसे के लिए मंडलायुक्त डॉ. रोशन जैकब और पुलिस आयुक्त एसबी शिरडकर की जांच में 19 अधिकारी, इंजीनियर, कर्मचारी दोषी पाए गए हैं।

चार सेवानिवृत्त अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी. यह कदम लखनऊ के उस होटल के कामकाज के संबंध में कथित ‘सांठगांठ’ की उच्चस्तरीय जांच के बाद उठाया गया है.

अब मुख्यमंत्री के निर्देश पर गृह विभाग, नियुक्ति विभाग, आबकारी विभाग के अधिकारियों को निलंबन कर विभागीय कार्रवाई शुरू करानी होगी। सेवानिवृत्त हो चुके जिम्मेदारों के खिलाफ भी विभागीय नियमों केमुताबिक कार्रवाई की जाएगी।

अधिकारियों के खिलाफ भी विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं. एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पुलिस आयुक्त एस.बी. शिरोडकर और लखनऊ के संभागीय आयुक्त रोशन जैकब ने संयुक्त रूप से घटना की उच्चस्तरीय जांच की. तड़के सौंपी गई रिपोर्ट में यह भी पाया गया कि अधिकारियों ने होटल परिसर में विभिन्न उल्लंघनों पर लाल झंडा नहीं उठाया.

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