इनडोर गेम्स Indoor Games के कारण बच्चों का ठीक प्रकार से शारीरिक व्यायाम नहीं हो पाता है ऐसे में उनकी मांसपेशियां कमजोर रह जाती है। जिन दिनों बच्चों को खान-पान और जीवन शैली सिखाई जा सकती थी, हम उन्हें अपने ऊंचे उठते जीवन स्तर का पाठ सिखा रहे थे। भोजन के दौरान कोल्डड्रिंक्स का सेवन बच्चे स्वयं ही नहीं सीख गए।

रेडियस ज्वाइंट सर्जरी के सीनियर कंसलटेंट डा.संजय श्रीवास्तव ने बच्चों की निष्क्रिय जीवनशैली और Indoor Games इनडोर गेम्स की वजह से हड्डियों व सेहत पर पड़ रहे प्रभाव के बारे में बताते हुए कहा कि हमें अपनी जीवनशैली में बदलाव लाना बहुत आवश्यक है।

सामान्यतया आर्थराइटिस का प्रकोप बुढ़ापे में ही नजर आता है किंतु आजकल दुर्भाग्यवश युवाओं में भी हड्डियों के रोग बढ़ रहे हैं। स्कूली विद्यार्थियों में जोड़ों की सूजन, अस्थि-पंजर ढीले होने की शिकायतें बढ़ रही हैं। ऑस्टियोपोरोसिस की भी शिकायत बढ़ रही है।

ऐसे में हमें शुरू से ही फिटनेस के प्रति अपना ध्यान देना चाहिये क्योकि आमूमन लड़कियों में 18 और लड़को में 20 वर्ष की आयु में 90 प्रतिशत हड्डियों का सम्पूर्ण विकास हो जाता है।  हड्डियों को किशोरावस्था से ही स्वस्थ रखने के लिए जंक फूड के बजाए पोषक तत्व जैसे विटामिन डी, कैल्शियम जैसे मिनरल और प्रोटीन की तय मात्रा की बहुत जरूरत होती है। बच्चों को हमेशा आउटडोर गेम्स की तरफ मोटिवेट करना चाहिए न कि मोबाइल गेम्स तक सीमित रखना चाहिए।

 

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