पतंजलि विश्वविद्यालय के कुलाधिपति और योग गुरु स्वामी रामदेव ने कहा कि जब भारत आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय शिक्षा बोर्ड का गठन कर ऐतिहासिक कार्य कर दिया है।एलोपैथी पर बाबा ने एक बार फिर हमला करते हुए चिकित्सा पद्धति को कटघेरे में खड़ा किया है।

एलोपैथी चिकित्सा पद्धति को झूठ की पैथी करार देते हुए बाबा ने कहा कि इस पैथी में मरीजों का इलाज संभव नहीं होने की बात कही जाती है।बाबा की मानें तो अंग्रेजी दवाओं के इस्तेमाल के बिना ही योग के सहारे लाखों लोगों के लीवर, किडनी, और फेफड़ों से संबंधित कई गंभीर बीमारियों को उन्होंने ठीक करके दिखाया है।

पतंजलि अनुसंधान संस्थान ने अपने साक्ष्य-आधारित अनुसंधान को दुनिया के प्रमुख शोध पत्रिका में प्रकाशित करवाकर इसे दूर करने का प्रयास किया है। उन्होंने आयुर्वेद को रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने और शुद्धिकरण के लिए सर्वाधिक उपयोगी पद्धति बताया है।उन्होंने आधुनिक चिकित्सा वैज्ञानिकों के प्रयास की सराहना करते हुए चिकित्सकों को देवदूत की तरह बताया।

योग गुरु रामदेव ने बताया कि केंद्र सरकार ने भारतीय शिक्षा बोर्ड का गठन कर दिया है। पतंजलि ट्रस्ट इसका संचालन करेगा। योग गुरु रामदेव ने सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी दी।

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