धनबाद  के न्यायाधीश उत्तम आनंद की सुबह की सैर के समय पिछले वर्ष जुलाई में ऑटो से टक्कर मारकर की गई हत्या के मामले को सुलझाने के लिए व्हाट्सएप  कंपनी मामले से जुड़े व्हाट्सएप चैट का पूरा विवरण जांच एजेंसी केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को देने को तैयार हो गई है.

झारखंड उच्च न्यायालय  के मुख्य न्यायाधीश डॉ रविरंजन एवं न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ को व्हाट्सएप की ओर से पेश उच्चतम न्यायालय के अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने ये जानकारी दी. सिब्बल ने कहा कि व्हाट्सएप धनबाद के न्यायाधीश उत्तम आनंद की हत्या के राज को उजागर करने के लिए जो भी मदद आवश्यक होगी वो देने को तैयार है.

मामले की सुनवाई के दौरान पिछले सप्ताह जांच एजेंसी ने अदालत को बताया था कि हत्या के इस मामले में उसे एक महत्वपूर्ण व्हाट्सएप चैट का पता चला है लेकिन व्हाट्सएप कंपनी निजता की बात कह कर उसका विवरण देने को तैयार नहीं है, लिहाजा उसे ये विवरण देने के निर्देश दिए जाएं.

न्यायाधीश उत्तम आनंद की मौत पिछले वर्ष 28 जुलाई को सुबह की सैर के दौरान एक ऑटो के टक्कर मारने से हुई थी. राज्य सरकार ने इस घटना की सीबीआई जांच की अनुशंसा की थी जिसके बाद सीबीआई ने पूरे मामले की जांच प्रारंभ कर दी थी

अब तक इस मामले के मुख्य साजिशकर्ता का पता नहीं चल सका है. सीबीआई ने आटो चालक और उसके सहयोगी लखन वर्मा एवं राहुल वर्मा को तत्काल गिरफ्तार कर लिया था लेकिन अब तक उनसे हत्या के पीछे के कारण को नहीं उगलवाया जा सका है.

 

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