Tuesday, February 27, 2024 at 7:30 PM

223 बार म्यूटेट हो चुका है वायरस, संक्रमण के जोखिमों को लेकर स्वास्थ्य मंत्री ने दी बड़ी जानकारी

कोरोना संक्रमण का खतरा वैश्विक स्तर पर पिछले चार साल से अधिक समय से बना हुआ है। हाल के महीनों में ओमिक्रॉन के सब-वैरिएंट के कारण भारत सहित कई देशों में अचानक से संक्रमण के मामले काफी तेजी से बढ़े। शोधकर्ताओं ने एक हालिया रिपोर्ट में चीन में फिर से संक्रमण बढ़ने को लेकर चेतावनी जारी की है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा, सभी लोगों को कोरोना से बचाव करते रहने की आवश्यकता है। जिस प्रकार से नए वैरिएंट्स की प्रकृति देखी जा रही, उसने सभी लोगों में संक्रमण के खतरे को बढ़ा दिया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया, भारत में पिछले 24 घंटे में कोविड-19 के 121 नए मामले सामने आए हैं, देश में कोरोना के सक्रिय मामलों की संख्या अब 856 रह गई है। महाराष्ट्र में 24 घंटे की अवधि में एक नई मौत की सूचना मिली है। 31 दिसंबर, 2023 को एक दिन में अधिकतम 841 नए मामले सामने आए, इसके बाद से दैनिक संक्रमण के मामले काफी नियंत्रित हैं।

कमजोर हो गया है कोरोनावायरस

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मंडाविया ने शुक्रवार को लोकसभा में बताया कि दुनियाभर में कोविड-19 अब तक 223 बार म्यूटेट हो चुका है, कोरोना के कई नए सब-वैरिएंट्स सामने आए हैं पर अब गंभीर रोगों का खतरा कम देखा जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि कोविड-19 भी इन्फ्लूएंजा की तरह ही बना रहेगा और इसके मौजूदा वैरिएंट ज्यादा घातक नहीं हैं।

उन्होंने प्रश्नकाल के दौरान कहा, “जब कोई वायरस 100 से अधिक बार उत्परिवर्तित होता है, तो उसके हानिकारक प्रभाव कम हो जाते हैं। कोविड भी कई बार उत्परिवर्तित हो गया है। अब तक, कोविड वायरस में 223 बार उत्परिवर्तन हो चुका है। इन्फ्लूएंजा की तरह कोविड-19 भी हमेशा हमारे साथ बना रह सकता है, साल में दो बार इससे लोगों के प्रभावित होने का खतरा हो सकता है।

नए वैरिएंट्स से जोखिम कम

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा, कोविड के नए सब-वैरिएंट्स उतने घातक नहीं हैं और इससे कोई गंभीर नकारात्मक प्रभाव भी नहीं देखा जा रहा है। महामारी के दौरान हम सभी ने मिलकर काम किया और इसके सकारात्मक परिणाम देखे। कोरोना से मुकाबले के लिए भारत ने न सिर्फ देश के लोगों को वैक्सीन देकर सुरक्षित किया साथ ही हमने विदेशों में वैक्सीन भेजकर भी लोगों को कोरोना से बचाया है।

फिर से बढ़ सकता है संक्रमण

कोरोना के वैश्विक स्तर पर जोखिमों को लेकर हाल ही में वैज्ञानिकों ने एक बार फिर से इसके बढ़ने के संकेत दिए हैं। विशेषज्ञों ने अलर्ट जारी करते हुए कहा है, सभी लोगों को कोरोना को लेकर सावधानी बरतते रहने की आवश्यकता है। ओमिक्रॉन और इसके म्यूटेटेड वैरिएंट्स के कारण संक्रमण के मामलों में फिर से उछाल आने की आशंका है। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) ने कहा कि देश में कोविड-19 की स्थिति फिलहाल काफी नियंत्रित है, पर वसंत के दौरान एक बार फिर से संक्रमण बढ़ने का खतरा हो सकता है। आने वाले महीनों, विशेषतौर पर वसंत के दौरान इंटर-रीजनल आवाजाही और मौसम में बदलाव के कारण कोविड-19 का खतरा फिर से बढ़ सकता है। इसको लेकर अभी से सुरक्षात्मक उपाय करते रहने की आवश्यकता है।

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