रमजान के पवित्र महीने दौरान पाकिस्तान में लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।  आर्थिक बदहाली से जूझ रहे पाकिस्तान में सैकड़ों परिवारों को सूखी रोटी और पानी से अपना उपवास तोड़ना पड़ रहा है।  पुलिस की लाठी से सैकड़ों लोगों को चोटें आई हैं और पहले से ही परेशान लोगों को गेहूं के आटे के बिना अपने घर वापस आना पड़ रहा है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आटे के लिए लंबी-लंबी कतारों में भगदड़ मचने से एक दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो गई है। रिपोर्ट के अनुसार बढ़ती महंगाई ने गेहूं के आटे के संकट को और भी दुखद बना दिया है। सस्ता सरकारी आटा पाने के लिए लोग दुकानों के बाहर लाइन लगाते हैं फिर भी घंटों के इंतजार के बाद उन्हें वापस खाली हाथ लौटना पड़ता है।

पाकिस्तान इस समय अपने सबसे खराब आर्थिक संकट से गुजर रहा है। पाकिस्तान आमतौर पर रमजान के महीने के दौरान राहत पैकेज देता है, लेकिन इस साल नकदी की तंगी से जूझ रही सरकार के पास देने के लिए कुछ नहीं है। यहां आटा-दाल समेत खाने पीने एवं दैनिक उपयोग चीजों में भारी मात्रा में वृद्धि हुई है, जिससे जनता त्रस्त है।

पाकिस्तान में प्याज की कीमत में 228.28 फीसदी, सिगरेट में 165.88 फीसदी, गेहूं के आटे में 120.66 फीसदी, गैस शुल्क में पहली तिमाही में 108.38 फीसदी और लिप्टन चाय में 94.60 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।

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