Sunday, June 23, 2024 at 5:29 PM

चुनाव परिणाम के बाद हिंसा होने की आशंका, हर जगह सुरक्षा कड़ी

चुनाव परिणाम के बाद हिंसा होने की आशंका बढ़ गई है। विपक्षी दलों के बयानों से इस बात की आशंका पैदा हो गई है कि यदि अंतिम चुनाव परिणामों में विपक्ष की हार होती है तो विपक्षी दल सड़कों पर उतर सकते हैं। विपक्षी दलों ने अपने समर्थकों को भारी संख्या में मतगणना केंद्रों पर इकट्ठा होने के लिए कहा है। विपक्ष पहले ही ईवीएम में गड़बड़ी और जिलाधिकारियों के माध्यम से चुनाव परिणाम प्रभावित कराने की आशंका जताई है, इस बात की संभावना हो सकती है कि यदि चुनाव परिणाम विपक्ष के विपरीत आए तो उनके समर्थक अलग-अलग जगहों पर हिंसक प्रदर्शन कर सकते हैं। विपक्ष की इन बयानबाजियों के बीच सुरक्षा एजेंसियों ने हर स्तर पर सुरक्षा बढ़ाने का दावा किया है।

दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा केंद्रों पर जवानों की तैनाती बढ़ा दी है। हर मतगणना केंद्र पर जवान आने-जाने वालों पर कड़ी नजर रखे हुए हैं। उत्तर प्रदेश के वरिष्ठ अधिकारी ने मतगणना के बाद किसी हिंसा की आशंका से इनकार नहीं किया है। इसे देखते हुए उत्तर प्रदेश के सभी मतगणना केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किये गए हैं। किसी हिंसा की आशंका को समाप्त करने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों से असामाजिक तत्त्वों को एहतियातन हिरासत में ले लिया गया है।

पश्चिम बंगाल अपनी चुनावी हिंसा को लेकर कुख्यात रहा है। इस बार भी पश्चिम बंगाल में सबसे ज्यादा चुनावी हिंसा देखने को मिली थी। इसे देखते हुए चुनाव आयोग ने मतगणना के समाप्त होने के बाद भी पश्चिम बंगाल में अगले 15 दिनों तक के लिए सुरक्षा सुनिश्चित करने के आदेश दे दिये हैं। राज्य में अर्धसैनिक बलों के जवान अलग-अलग क्षेत्रों में 19 जून तक तैनात रहेंगे।

बिहार में पप्पू यादव जैसे कुछ नेताओं ने लोकतंत्र को बचाने के लिए अंतिम लड़ाई लड़ने जैसे शब्दों का उपयोग किया है और अपने समर्थकों से मतगणना केंद्रों पर लोकतंत्र को बचाने के लिए उपस्थित रहने के लिए कहा है। माना जा रहा है कि इस तरह के बयानों से उनके समर्थक उपद्रव करने की ओर बढ़ सकते हैं। इसे देखते हुए बिहार में भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

हिंसा हुई तो कांग्रेस जिम्मेदार- भाजपा नेता
भाजपा नेता अभिषेक वर्मा ने अमर उजाला से कहा कि कांग्रेस ने हमेशा लोकतंत्र को अपमानित करने का काम किया है। इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगाकर देश के लोकतंत्र का अपमान किया था। कांग्रेस आज तक उसका खामियाजा भुगत रही है। यदि आज के चुनाव परिणामों में अपनी हार होने के बाद कांग्रेस के समर्थक किसी तरह की हिंसा करते हैं तो इसके लिए कांग्रेस पार्टी के बड़े नेता जिम्मेदार होंगे।

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