अलीगढ़: अलीगढ़ शहर के मथुरा रोड पर स्थित 11 लाख टन कूड़े के पहाड़ को हटाने के लिए नगर निगम ने कार्य योजना तैयार कर ली है। अलीगढ़-कानपुर नेशनल हाईवे पर गांव पनैठी में 20 एकड़ भूमि तय की गई है, जहां कूड़े को शिफ्ट कर निस्तारण किया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य न केवल पुराने कूड़े और हर दिन निकलने वाले कचरे का निपटारा करना है, बल्कि भविष्य में बढ़ने वाली कूड़े की मात्रा के अनुसार प्लांट की क्षमता बढ़ाना भी होगा।
मथुरा रोड पर एटूजेड प्लांट में कड़े का पहाड़ बना हुआ है। जिससे यहां की लगभग 30 से 40 हजार की आबादी को हर समय इसकी दुर्गंध से जूझना पड़ता है। बारिश के मौसम में तो यहां रहना मुश्किल हो जाता है। कई परिवार तो इन तीन महीनों के लिए खुद का मकान छोड़कर किराये पर रहने चले जाते हैं। इस कूड़े का निस्तारण निगम के लिए बड़ी समस्या बन गई है।
एटूजेड प्लांट भी हर दिन निकलने वाले 600-700 मीट्रिक टन कूड़े का निस्तारण नहीं कर पा रहा है। ऐसे में प्लांट में करीब 11 लाख मीट्रिक टन कूड़े का पहाड़ खड़ा हो गया है। पांच साल पहले नगर निगम ने कूड़ा निस्तारण के लिए स्वीडन की इकराटोस कंपनी के साथ करार किया था। लेकिन अभी तक कंपनी ने काम शुरू नहीं किया है। इकराटोस कंपनी के साथ नगर निगम ने 30 साल का करार किया था। जिसमें कंपनी को लगभग 800 करोड़ रुपये का निवेश कर कूड़ा निस्तारण प्लांट स्थापित करना था। भूमि पूजन के बावजूद कंपनी ने कोई कार्य शुरू नहीं किया। ऐसे में नगर निगम ने एटूजेड और इकराटोस कंपनी को करार समाप्त करने के लिए दो नोटिस जारी कर चुका है।
नगर निगम की नई कार्य योजना में पुराने और हर दिन निकलने वाले कूड़े का निस्तारण कराया जाएगा। यही नहीं भविष्य में कूड़ा प्रबंधन को और प्रभावी बनाने की रणनीति भी तैयार की गई है। नई कंपनी को अपनी निस्तारण क्षमता को समय के साथ बढ़ाने का निर्देश दिया जाएगा। जिससे शहर में कूड़े का ढेर दोबारा न बने। टेंडर प्रक्रिया जल्द ही शुरू होगी।-प्रेम प्रकाश मीणा, नगर आयुक्त
नई कंपनी के साथ 15 महीने में कूड़ा निस्तारण का लक्ष्य
अलीगढ़ नगर निगम अब नए सिरे से नई कंपनी के साथ अनुबंध करने की तैयारी में है। इसके लिए नगर निगम जल्द ही टेंडर निकालेगा। आने वाली नई कंपनी को 15 महीने के भीतर 11 लाख टन कूड़े का निस्तारण करने का लक्ष्य दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त शहर में हर माह उत्पन्न होने वाले 600 से 700 टन कूड़े का भी नियमित निस्तारण करना होगा। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने बताया कि नई नीति के तहत कूड़ा निस्तारण की क्षमता को शुरूआत में 600 टन प्रतिदिन रखा जाएगा। जिसे समय के साथ बढ़ाने का प्रावधान होगा।
पुरानी व्यवस्था की कमियां
वर्ष 2010 में एटूजेड कंपनी ने नगर निगम के साथ करार किया था। तब इसकी कूड़ा निस्तारण क्षमता 220 टन प्रतिदिन थी। उस समय शहर के 70 वार्डों से प्रतिदिन 425 टन कूड़ा निकलता था। अब शहर के विस्तार के साथ वार्डों की संख्या 90 हो गई है। हर दिन 550 टन कूड़ा उत्पन्न हो रहा है। हालांकि प्लांट में केवल 80 से 100 टन कूड़े का ही निस्तारण हो पा रहा है। जिसके कारण प्रतिदिन 330 टन कूड़ा जमा हो रहा है।