नामीबिया से 8 चीतों को लाने वाली विशेष चार्टर्ड कार्गो फ्लाइट मध्य प्रदेश के ग्वालियर में भारतीय वायु सेना स्टेशन पर लैंड कर चुकी है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार भारत में बाघों की आबादी 2014 में 2,226 से बढ़कर 2018 में 2,967 हो गई। वहीं एशियाई शेरों की आबादी जो कि 2015 में 523 थी 2022 में 674 हो गई है। यानी 28.87 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।

तेंदुओं की संख्या की बात करें तो यह 2014 में 7,910 थी लेकिन 2022 में भारत में 12,852 तेंदुए हो गए। यानी उनकी आबादी में 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।

पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा, “भारत उन देशों में से एक है जो अपनी गलतियों को दूर करने में विश्वास करता है। गलती सुधारी जानी चाहिए। अत्यधिक शिकार के कारण भारत में चीते विलुप्त हो गए थे। हमने इन्हें वापस लाने का फैसला किया।”

मुख्य वन संरक्षक (पीसीसीएफ) वन्यजीव जेएस चौहान ने कहा, “ग्वालियर से भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के भारी-भरकम चिनूक हेलीकॉप्टर में चीतों को केएनपी में भेजा जाएगा।” चीतों को प्राप्त करने के लिए राष्ट्रीय उद्यान के 18 किमी अंदर पालपुर में पांच हेलीपैड बनाए गए हैं।

2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद से संरक्षित क्षेत्रों का कवरेज देश के भौगोलिक क्षेत्र के 4.90 फीसदी से बढ़कर 5.03 फीसदी हो गया है, अधिकारियों ने शनिवार को इसकी जानकारी दी।

 

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