यूनाइटेड स्टेट्स कमीशन ऑन इंटरनेशनल रिलीजियस फ्रीडम (यूएससीआईआरएफ) ने  आरोप लगाया कि भारत में धार्मिक स्वतंत्रता और संबंधित मानवाधिकार लगातार खतरे में हैं.

भारत ने पहले यूएससीआईआरएफ टिप्पणियों को पक्षपाती और गलत करार देते हुए खारिज कर दिया था. हालांकि, अमेरिकी विदेश विभाग के लिए यह अनिवार्य नहीं है कि वह इसकी सिफारिशें लागू करे.

यूएससीआईआरएफ ने भारत पर अपनी छह पेज की कंट्री अपडेट रिपोर्ट में तीन बार भारतीय नक्शा प्रकाशित किया है. हालांकि, दो नक्शे विकृत हैं और भारत के वास्तविक भौगोलिक मानचित्र को नहीं दर्शाते हैं.

रिपोर्ट में कहा गया था, ‘2021 में भारत में धार्मिक स्वतंत्रता की स्थिति काफी खराब हो गई थी. 2021 में भारत सरकार ने हिंदू राष्ट्रवादी एजेंडा को बढ़ावा देकर ऐसी नीतियों का प्रचार किया, जिससे मुस्लिमों, ईसाइयों, सिखों, दलितों और अन्य धार्मिक अल्पसंख्यकों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा.’

शुरुआत में अपनी सिफारिशों को दोहराते हुए यूएसीआईआरएफ ने कहा था कि यदि भारत को विशेष चिंता वाले देशों की सूची में डाला जाता है  सांप्रदायिक विभाजन को बढ़ावा देने वाली नीतियों से किनारा करने के लिए प्रोत्साहित होगी.

 

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