गंभीर आर्थिक संकट से जूझ रहे पाकिस्तान को एक और बड़ी मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है. ईरान के साथ गैस पाइपलाइन प्रोजेक्ट को पूरा नहीं करने के लिए पाकिस्तान के ऊपर भारी भरकम जुर्माना लगने का खतरा है.

समझौते के तहत निर्धारित समय सीमा में ईरान  के साथ गैस पाइपलाइन परियोजना  को पूरा नहीं करने के लिए पाकिस्तान को 18 अरब डॉलर के जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है.

पेट्रोलियम मंत्रालय के एक शीर्ष  अधिकारी ने  बताया कि पाकिस्तान  ने राहत मांगने के लिए ईरान गैस पाइपलाइन परियोजना के बारे में अमेरिका  से बात की है.

संसद की लोक लेखा समिति  ने  नूर आलम खान की अध्यक्षता में बैठक की, जिसमें गैस पाइपलाइन इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर विचार विमर्श किया गया. बैठक में ईरान से गैस आयात करने के लिए पाइपलाइन का निर्माण समेत तीन गैस परियोजनाओं को लेकर बातचीत हुई.

कमेटी के मेंबर सैयद हुसैन तारिक ने कहा कि फंड बेकार पड़ा हुआ है और परियोजनाएं ठप हैं. उन्होंने चेतावनी दी है कि अगर ईरान के साथ गैस पाइपलाइन परियोजना समय पर पूरी नहीं हुई तो पाकिस्तान को जुर्माना भरना पड़ सकता है.

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *