Sunday, June 23, 2024 at 5:12 PM

‘नवीन पटनायक की तबीयत खराब होने के पीछे कोई षड्यंत्र है क्या?’ पीएम मोदी ने रैली में बीजद को घेरा

मयूरभंज :  लोकसभा चुनाव के सातवें और आखिरी चरण के मतदान से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ओडिशा में चुनाव प्रचार किया। मयूरभंज में एक रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी बीजू जनता दल (बीजद) की जमकर आलोचना की। उन्होंने बीजद पर आदिवासियों की जमीन हड़पने और खनिज संपदा लूटने का आरोप लगाया। इस रैली के जरिए उन्होंने ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की तबीयत को लेकर भी सवाल किया।

सीएम नवीन पटनायक के स्वास्थ्य पर पीएम मोदी ने उठाए सवाल
इस रैली में पीएम मोदी ने मुख्यमंत्री नवीन पटनायक की तबीयत पर जमकर कटाक्ष किया। उन्होंने कहा, “आजकल नवीन पटनायक के सभी शुभचिंतक बहुत चिंता में हैं। वो ये देखकर बहुत परेशान हैं कि पिछले एक साल में नवीन बाबू की तबीयत इतनी कैसे बिगड़ गई। वर्षों से नवीन पटनायक के करीबी लोग जब मुझसे मिलते हैं, तो वो उनकी तबियत की चर्चा जरूर करते हैं। वो बताते हैं कि नवीन बाबू अब खुद से कुछ कर नहीं पा रहे हैं। अरसे तक उनके करीबी रहे लोगों का मानना है कि उनकी तबीयत बिगड़ने के पीछे कोई साजिश भी हो सकती है।”

प्रधानमंत्री ने नवीन पटनायक के तबीयत को लेकर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “नवीन बाबू की तबीयत खराब होने के पीछे कोई षड्यंत्र है क्या? ये ओडिशा के लोगों को जानने का अधिकार है। कहीं इसमें उस लॉबी का तो हाथ नहीं है न जो नवीन पटनायक के नाम पर पर्दे के पीछे ओडिशा में सत्ता भोग रहे हैं। इस रहस्य से पर्दा उठना जरूरी है।”

उन्होंने आगे कहा कि 10 जून के बाद ओडिशा में भाजपा सरकार बनने के बाद हमारी सरकार एक स्पेशल कमेटी का गठन करेगी और ये जांच करेगी कि अचानक नवीन बाबू की तबियत क्यों गिरती जा रही है। बता दें कि पीएम मोदी की यह टिप्पणी असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा के उस आरोप के बाद आई, जहां उन्होंने कहा था कि बीजद नेता वीके पांडियन ओडिशा के सीएम के गतिविधियों को नियंत्रित कर रहे हैं।

बीजद पर जमकर साधा निशाना
रैली को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी बीजद को घेरा। उन्होंने कहा, “बीजद पर आपने 25 साल भरोसा किया, लेकिन बीजद ने हर कदम पर आपके भरोसे को तोड़ा है। यही बीजद सरकार आदिवासी बंधुओं की जमीन हड़पने के लिए कानून लेकर आई थी। भाजपा के दबाव में उसे वो कानून वापस लेना पड़ा। अब इस बार अगर इन्हें मौका मिला, तो ये आदिवासियों की जमीन हड़पने का अवसर छोड़ेंगे नहीं।”

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