मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी  के नेता और महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री अनिल देशमुख को जमानत दिए जाने के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अनिल देशमुख को जमानत दे दी थी।

जमानत एक लाख रुपये के मुचलके पर दी गई थी।  भारत के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति उदय उमेश ललित ने सॉलिसिटर जनरल से याचिका दायर होने के बाद दोपहर 2 बजे मामले का उल्लेख करने के लिए कहा है।

ईडी ने अनिल देशमुख पर उगाही के आरोप लगाते हुए मामला दर्ज किया था। ईडी के अनुसार देशमुख ने मुंबई के विभिन्न बार और रेस्तरां से करीब 4.7 करोड़ रुपये एकत्र किए। इसके साथ ही आरोप है कि देशमुख ने गलत तरीके से अर्जित धन को नागपुर स्थित श्री साईं शिक्षण संस्थान को मुहैया कराया

केंद्रीय जांच एजेंसी द्वारा दायर मामले में पिछले सप्ताह बंबई उच्च न्यायालय ने एनसीपी नेता को जमानत दे दी थी। हालांकि, वह अभी भी जेल में ही है। हाईकोर्ट ने उन्हें एक ही मामले में बेल दी थी। उन्हें पिछले साल अप्रैल में सीबीआई के द्वारा उनके खिलाफ दर्ज एक मामले में अभी जेल में ही रहना है।

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