जापान में ‘क्वाड’ देशों के नेताओं ने ताइवान, पूर्वी और दक्षिण चीन सागर में चीन के रुख को लेकर चिंता जताई, जिसके बाद चीन तिलमिला गया है. विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में ताइवान के संदर्भ पर गंभीर आपत्ति जताई

चीन ने जी-7 देशों के हिरोशिमा संयुक्त बयान पर राजनयिक विरोध दर्ज कराया है और उन पर बीजिंग के आंतरिक मामलों में दखल देने का आरोप लगाया है. इस बयान में जी-7 देशों ने ताइवान, पूर्वी और दक्षिण चीन सागर में चीन की आक्रामकता को लेकर चिंता व्यक्त की है.

जापान के हिरोशिमा में हुए शिखर सम्मेलन में चीन से संबंधित मुद्दे व्यापक तौर पर उठाए गए. संयुक्त बयान का एक हिस्सा चीन को लेकर था जिसमें कहा गया है कि वे चीन के साथ ‘रचनात्मक और स्थिर संबंध’ चाहते हैं. बयान में ताइवान, पूर्वी और दक्षिण चीन सागर में चीन के आक्रामक रुख पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई.

दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के साथ सहयोग करने की जरूरत पर जोर दिया लेकिन यह भी कहा कि उसके ‘दुर्भावनापूर्ण इरादों’ और ‘ज़ोर-ज़बरदस्‍ती’ का मुकाबला किया जाना चाहिए.

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *