जम्मू-कश्मीर सरकार ने बिट्टा कराटे की पत्नी सहित 4 सरकारी कर्मचारियों को बर्खास्त कर दिया है।चारों को आतंकी संबंधों के कारण सर्विस से हटाया गया है। मालूम हो कि बिट्टा कराटे आतंक से जुड़े आरोपों का सामना कर रहा है।

 बिट्टा कराटे वही शख्स है, जिसने साल 1991 के एक टीवी इंटरव्‍यू में 20 से ज्‍यादा कश्‍मीरी हिंदुओं की हत्‍या करने की बात कबूली थी। इस दौरान उसने यह भी कहा था कि हो सकता है कि उसने 30-40 से ज्‍यादा कश्मीरी पंडित मारे हों।

बर्खास्त कर्मचारियों में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन हिज्बुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन का बेटा भी शामिल है। सैयद अब्दुल मुईद उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में सूचना प्रौद्योगिकी प्रबंधक था।

1990 में 1 लाख से ज्यादा कश्मीरी पंडितों को उनका ही घर छोड़ने पर मजबूर किया गया था।90 के दशक में कश्मीर घाटी से कश्मीरी पंडितों ने बड़ी संख्या में पलायन किया था।  बिट्टा जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट का प्रमुख चेहरा था। उसे सालों तक गिरफ्तार नहीं गया और वह घाटी में लगातार कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाता रहा।

फारूक अहमद डार का नाम बिट्टा कराटे इसलिए पड़ा क्योंकि वह मार्शल आर्ट में ट्रेंड था। कराटे पुराने शहर श्रीनगर के गुरु बाजार इलाके में बड़ा हुआ, जो 1990 के दशक में उग्रवाद का केंद्र था।

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