सर्दियों में आमतौर पर पानी पीना कम व कार्बोहाइड्रेट्स का सेवन बढ़ जाता है जो आपकी हेल्‍थ के लिए हानिकारक है. लेकिन आप परेशान न हो क्‍योंकि चिकित्सकों का बोलना है कि ठंड के मौसम में कुछ सरल चीजों को अपनाकर अच्छी हेल्‍थ पाई जा सकती है.फिजिकल एक्टिविटी की कमी और अहेल्‍दी जंक फूड खाने से सर्दियों में वजन का बढ़ना बहुत ही आम बात है. लेकिन लोगों को सर्दियों में इन चीजों की स्थान अखरोट, हरे पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फलों, शकरकंद व अंडे खाना चाहिए.”

दूसरा विकल्प आयुर्वेदिकमेंवजन न बढ़े इसके लिए लाइफस्‍टाइल अपनाना है. आयुर्वेद के हिसाब सेइम्‍यूनिटीआपके डाइजेशन से जुड़ी है. जब डाइजेशन मजबूत होगा व भूख अच्छी लगेगी तो इम्‍यूनिटी मजबूत रहेगी. जब कभी डाइजेशन निर्बल होता है, इम्‍यूनिटी अपने आप निर्बल हो जाती है.

ध्यान देने वाली बात ये यही कीजैसे ही भूख बढ़ती है, लोग अधिक जंक फूड, भारी खाना व सरलता से हजम नहीं होने वाली चीजें खाने लगते हैं. लेकिन यह समझना जरूरी है कि बेकार रोग इम्‍यून सिस्‍टम का निर्माण हम खुद कर रहे हैं व प्रकृति इसके लिए दोषी नहीं है. इस सीजन के लिए यह अधिक जरूरी है कि लोग जाड़े के दौरान इम्‍यूनिटी बढ़ाने वाली चीजें खाएं औरआयुर्वेदके हिसाब से लाइफस्‍टाइल अपनाएं.

आयुर्वेद के मुताबिकसर्दियों का मौसम ऐसा सीजन होता है जब प्रकृति हमारा पोषण करने को तैयार रहती है. डाइजेशन का लेवल बहुत ऊंचा होने की वजह से भूख व डाइजेशन की ताकत अन्य सीजन के मुकाबले अधिक होती है. लोग सोचते हैं कि यह सीजन इम्‍यूनिटी के लिए बेकार है क्योंकि वे अस्वास्थ्यकर खाना व जल्दी हजम नहीं होने वाला खाना खाती हैं जिससे उनकी इम्‍यून सिस्‍टम सुस्त हो जाती है.

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